Home » Meri Aankhon mein Mohbbat ke Manzar hain by Dinesh Gupta
Meri Aankhon mein Mohbbat ke Manzar hain Dinesh Gupta

Meri Aankhon mein Mohbbat ke Manzar hain

Dinesh Gupta

Published
ISBN :
Paperback
76 pages
Enter the sum

 About the Book 

मेरी आँखों में मुहबबत के जो मंजर हैंतुमहारी ही चाहतों के समंदर हैं....मैं हर रोज चाहता हूँ तुझसे ये कह दूं मगरलबों तक नहीं आता जो मेरे दिल के अंदर हैMoreमेरी आँखों में मुहब्बत के जो मंज़र हैंतुम्हारी ही चाहतों के समंदर हैं....मैं हर रोज चाहता हूँ तुझसे ये कह दूं मगरलबों तक नहीं आता जो मेरे दिल के अंदर है